Farewell speech in Hindi | लक्ष्य की तलाश…

∗लक्ष्य की तलाश…∗

– Farewell speech –

stevejobs (3)

(24 February, 1955 – 5 October, 2011)

 

“मैं जो काम करता था, उससे बहुत love करता था.” “जिस काम (लक्ष्य) से आप प्यार करते हैं – उसे आपको तलाशना ही पड़ेगा.” यह आपके काम लिये भी उतना ही सही है जितना आपके lovers के लिये. आप अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा अपने काम पर लगाने जा रहे हैं, और आपको वास्तविक संतुष्टि मिलने का एक ही रास्ता है आप वही काम करें जिसमें आपको believe हो कि ये great काम है. और great काम करने का एक ही रास्ता है कि आप वही काम करें, जिसे आप प्यार करते हैं. अगर आपको अभी तक नहीं मिला है, तो तलाश करते रहें. समझौता न करें. …

 

शिवाजी जन्म जयंती 19 फ़रवरी व  पुण्य तिथि 3 अप्रैल पर विशेष : शिवाजी की जीवनी

शिवाजी को समाप्त करने के महा-अभियान
  1. अफजल खाँ के नेतृत्व में (1659)
  2. सिद्दी जौहर के नेतृत्व में (1660)
  3. सबसे लम्बा अभियान औरगंजेब के मामा शाइस्ता खाँ के नेतृत्व में (1660-1663)
  4. औरंगजेब के नेतृत्व में आगरा जेल में (1666)
  5. शिवाजी के प्रेरक प्रसंग जरुर पढ़ें.

 

12 जून 2005 को स्टीव जॉब्स ने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में “You’ve got to find what you love.” भाषण (Farewell Speech) दिया. जिसमें उन्होंने अपने समस्त जीवन के पुरुषार्थ व अनुभव को तीन कहानियों में समेटकर बहुत ही सरल ढंग से प्रस्तुत किया है. ये तीनों कहानियाँ, हमें अपने जीवन को समझ कर सफलता का मार्ग प्रशस्त करने में, ट्रनिंग पॉइंट साबित हो सकती है. मील का पत्थर साबित हो सकती है. Steve Jobs सफल Innovator, Entrepreneur के साथ एक महान Motivational speaker रहे हैं. यह Speech, Stanford University की साईट पर English में उपलब्ध है. उसी को हिंदी में translate किया है. जिसको आज मैं आपके साथ शेयर कर रहा हूँ :

“You’ve got to find what you love.”

(आप जिस लक्ष्य से प्यार करते हैं – उसे आपको तलाशना ही पड़ेगा.)

stevejobs

मैं आज दुनिया के बेहतरीन विश्वविद्यालयों में से एक के दीक्षांत समारोह में आप के साथ शामिल होकर अपने को सम्मानित महसूस कर रहा हूँ. मुझे कॉलेज से कभी स्नातक की उपाधि नहीं मिली. सच यह है कि मैं पहली बार एक कॉलेज के स्नातक स्तर वालों के, सबसे करीब हूँ. आज मैं आपको अपने जीवन की तीन कहानियाँ बताना चाहता हूँ. बस. कोई बड़ी बात नहीं. सिर्फ तीन कहानियाँ.

पहली कहानी dots connect करने के बारे में है.

मैंने Reed College में दाखिला लेने के पहले 6 महीने के बाद ही कॉलेज छोड़ दिया, लेकिन वास्तव कॉलेज छोड़ने से पहले, लगभग अगले 18 महीने तक और अनौपचारिक रूप से कॉलेज में रहा. तो ये सवाल लाजमी है कि मैंने कॉलेज क्यों छोड़ा?

इसकी भूमिका मेरे जन्म से पहले ही तैयार हो गई थी. मेरी biological mother एक युवा, अविवाहित कॉलेज की स्नातक student थी, और उसने मुझे किसी और को गोद देने का फैसला कर लिया था. उसकी दृढ़ इच्छा थी कि मुझे कोई college graduates गोद लें, मेरे लिये सब कुछ set था, मुझे एक वकील और उसकी पत्नी द्वारा जन्म के समय adopt किया जाना था. मेरे जन्म के बाद. अंतिम क्षण में उस couple ने निर्णय बदल लिया कि वास्तव में वे एक लड़की को adopt करना चाहते थे. इसलिए मेरे parents जो तब एक प्रतीक्षा सूची में थे, के पास आधी रात को फोन पर पूछा गया कि, “हमारे पास एक unexpected baby boy है; क्या आप उसे adopt करना चाहते हैं?” उन्होंने कहा, “बेशक.” मेरी biological mother को बाद में पता चला की मेरी मां कॉलेज से graduate नहीं थी, और मेरे पिता ने हाई स्कूल भी पास नहीं किया था. उसने गोद लेने के final adoption कागजात पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया. वह कुछ महीने बाद तब मानी जब, मेरे parents ने मुझे कॉलेज भेजने के लिए वादा किया था.

… और 17 साल बाद मैं कॉलेज में गया. लेकिन मैंने भोलेपन से लगभग स्टैनफोर्ड जैसा ही एक महंगा कॉलेज चुन लिया था, और मेरे working-class के parents की पूरी बचत मेरे कॉलेज की ट्यूशन पर खर्च कर दी थी. छह महीने बाद, मुझे इसमें कोई value नजर नहीं आई. मुझे कोई idea नहीं था कि मैं अपने जीवन में क्या करना चाहता था, और कॉलेज मुझे इसमें कैसे मदद करेगी, इसका भी कोई idea नहीं था. और मैं यहाँ अपने माता पिता (parents) का पूरे जीवन में बचाया हुआ पैसा खर्च कर रहा था. इसलिए मैंने इस विश्वास के साथ कि सब कुछ ठीक होगा पढाई छोड़ने का फैसला किया. उस समय यह बहुत डरावना लगा था, लेकिन वापस देखता हूँ तो लगता है अब तक लिये गए फैसलों में से एक सबसे अच्छा फैसला था. मैंने जैसे ही drop out किया, उन अनिवार्य classes में जाना बंद कर दिया जिनमे मेरी दिलचस्पी नहीं थी, और दिलचस्पी वाली classes में जाना शुरू कर दिया था.

ये सब मजेदार नहीं था. मेरे पास एक बिस्तर वाला कमरा तक नहीं था, इसलिए मैं दोस्तों के कमरे में फर्श पर सोता था, मैं खाना खरीदने के लिए कोक की बोतलें लौटाकर 5 ¢ (cent) जमा करता था, और मैं हर सप्ताह में एक बार रविवार रात को अच्छा खाना खाने के लिए शहर में 7 मील दूर पैदल हरे कृष्ण मंदिर में जाता था. इसमें मुझे मजा आता था. और मैंने मेरी जिज्ञासा और intuition के लिये जो ठोकरें खायी वो बहुत बाद में अमूल्य साबित हुई. मैं आपको एक example बताता हूँ :

Reed College ने उस ज़माने में, शायद देश में सबसे अच्छी calligraphy (सुलेख) शिक्षण की व्यवस्था की थी. पूरे परिसर में हर पोस्टर को, हर दराज पर हर लेबल को खूबसूरती से हाथ से calligraph किया गया था. चूंकि मैं पढाई छोड़ चुका था, और normal classes नहीं करनी पड़ती थी, मैंने calligraphy कैसे की जाती है सीखने के लिये इसकी classes करने का फैसला किया. मैंने serif व sans serif typefaces के बारे में, different letter combinations के बीच varying amount of space के बारे में, और क्या चीज महान typography को महान बनाती है, के बारे सीखा. यह कला सुंदर व ऐतिहासिक होते हुए भी artistically सूक्ष्म होने के कारण विज्ञान इस पर कब्जा नहीं कर पाया था, और मुझे ये बहुत आकर्षक लगी.

इन में से किसी भी चीज की, मुझे मेरे जीवन में व्यावहारिक उपयोग की कोई आशा नहीं थी. मगर 10 साल बाद जब हमने पहला Macintosh कंप्यूटर डिजाइन किया, तब यह चीजें मेरे काम आ गयी. और हमने ये सब चीजें Mac में design कर दी. यह सुंदर टाइपोग्राफी के साथ पहला कंप्यूटर था. अगर मैं कॉलेज में इस single course में नहीं गया होता, तो Mac में multiple typefaces या proportionally spaced fonts कभी नहीं होते. विंडोज (Windows) ने तब से सिर्फ Mac की नकल की है, इनके personal computer होने की कोई संभावना नहीं थी. अगर मैं पढाई नहीं छोड़ता, तो मैं कभी calligraphy classes नहीं करता, और पर्सनल कंप्यूटर में ये अद्भुत टाइपोग्राफी नहीं होती, जो कि अब उनमे है. बेशक, जब मैं कॉलेज में था तब आगे देखकर डॉट्स कनेक्ट करना असंभव था. लेकिन 10 साल बाद पीछे देखने पर बिलकुल स्पष्ट थे.

एक बार फिर याद दिलाना चाहूँगा कि, आप आगे देखकर dots कनेक्ट नहीं कर सकते हैं; आप केवल पीछे देखकर ही उन्हें कनेक्ट कर सकते हैं. इसलिये आपको भविष्य में किसी भी तरह से dots कनेक्ट होने का भरोसा करना पड़ेगा. आपको अपने gut, भाग्य, जीवन, कर्म, जो भी हो – आपको किसी न किसी पर तो trust करना ही होगा. इस approach ने मुझे कभी निराश नहीं किया, और इसका मेरे जीवन पर निर्णायक effect हुआ. (it has made all the difference in my life).

मेरी दूसरी कहानी love व loss के बारे में है.

मैं भाग्यशाली था – मैंने जीवन में जल्दी ही वो मुकाम हासिल कर लिया जिससे मैं प्यार करता था. Woz और मैंने मेरे parents के गैराज में Apple का काम शुरू कर दिया, तब मैं 20 वर्ष का था. हम बहुत मेहनत करते थे, और 10 साल में एक गैरेज में सिर्फ हम दोनों से एप्पल 4,000 से अधिक कर्मचारियों के साथ 2 अरब डॉलर की एक कंपनी बन गई थी. और मैं 30 का होने वाला था उससे एक साल पहले ही हमने हमारा finest creation — the Macintosh — जारी कर दिया था. और तब मुझे कंपनी से fire कर दिया गया. जिस कंपनी को आपने बनाया हो, उससे आपको कैसे fire किया जा सकता है? खैर, जैसे-जैसे Apple की ग्रोथ बढ़ी हमने एक बन्दे को hire किया, मैंने सोचा वो बहुत talented था कम्पनी चलाने में मेरा साथ देगा, और पहले वर्ष या कुछ और समय तक चीजें अच्छी तरह से चली थी. लेकिन फिर भविष्य को लेकर हमारे visions अलग-अलग होने गये, और अंततः हम अलग हो गये. हमारे इस झमेले में, हमारे निदेशक मंडल ने उस का साथ दिया. इसलिए तीस का होते ही मैं बाहर था. और एकदम सार्वजनिक रूप से बाहर. मेरे पूरे adult life का focus चला गया था, और इससे मुझे भारी सदमा पहुंचा था.

मुझे वास्तव में कुछ महीनों तक समझ में नहीं आया की क्या करूँ. हाथ आयी हुई बाजी हारने से मैंने महसूस किया कि, मैंने पिछली generation के entrepreneurs को नीचा दिखाया. मैंने David Packard और Bob Noyce के साथ मुलाकात की और इतनी बुरी तरह से पंगा लेने के लिए माफी माँगने की कोशिश की. ये मेरी एक बहुत बड़ी सार्वजनिक विफलता थी, और मैंने valley से दूर भाग छूटने के बारे में भी सोचा. लेकिन धीरे धीरे अँधेरा छंटने लगा – और लगा कि मुझे उसी काम से प्यार था जो मैंने अब तक किया था. Apple की घटनाओं से मैं बिलकुल नहीं बदला था. मैं अस्वीकार कर दिया गया था, लेकिन मैं अब भी उसी काम से प्यार करता था. और इस तरह मैंने काम शुरू करने का फैसला किया.

मैं तब नहीं समझ पाया, हर चीज के बारे में यकीन भी नहीं होता था, लेकिन Apple से fire करने वाली घटना मेरे जीवन में घटी समस्त घटनाओं में सबसे अच्छी चीज साबित हुई. सफल होने का बोज वापस beginner होने के हलकेपन में बदल गया. और इसने मेरे जीवन के एक सबसे creative period में प्रवेश के दरवाजे खोल दिए थे.

अगले पांच वर्षों के दौरान, मैंने एक कंपनी NeXT के नाम से शुरू की, और दूसरी कंपनी Pixar के नाम शुरू की, और मुझे एक अदभुत महिला से love हो गया जो मेरी पत्नी बनी. Pixar एनिमेटेड फीचर फिल्म, Toy Story बनाने वाला, दुनिया का पहला कंप्यूटर बना, और अब दुनिया में सबसे सफल एनीमेशन स्टूडियो है. हालात में एक अप्रत्याशित बदलाव आया, Apple ने NeXT को खरीद लिया, मैं Apple में लौट आया, और NeXT में जो technology हमने develop की वो अब वर्तमान में Apple के विकास में वरदान साबित हो रही है. और लौरेने और मैं परिवार साथ आनन्द में है.

मुझे पूरा यकीन है कि, अगर मुझे Apple से fire नहीं किया जाता तो इतना काम नहीं हो पाता. यह एक कड़वी दवा थी, लेकिन मुझे लगता है कि, मरीज को इसकी आवश्यकता थी. कभी कभी जीवन में भारी चोट हो जाती है. पर विश्वास नहीं खोना चाहिये. मुझे पक्का विश्वास था कि मुझे केवल एक ही चीज गिरने नहीं देती थी वो है “मैं जो काम करता था, उससे बहुत love करता था.” “जिस काम (लक्ष्य) से आप प्यार करते हैं – उसे आपको तलाशना ही पड़ेगा You’ve got to find what you love).” यह आपके काम लिये भी उतना ही सही है जितना आपके lovers के लिये. आप अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा अपने काम पर लगाने जा रहे हैं, और आपको वास्तविक संतुष्टि मिलने का एक ही रास्ता है आप वही काम करें जिसमें आपको believe हो कि ये great काम है. और great काम करने का एक ही रास्ता है कि आप वही काम करें, जिसे आप प्यार करते हैं. अगर आपको अभी तक नहीं मिला है, तो तलाश करते रहें. समझौता न करें. दिल के सभी मामलों की तरह, जब आप इसे ढूंढ लोगे तब आपको अहसास हो जायेगा. और साल दर साल निकलने पर किसी great relationship की तरह आपका काम भी बेहतर और बेहतर होता चला जायेगा. इसलिए आप इसको तब तक ढूँढते रहिये जब तक आपको मिल न जाये. किसी भी हालत में समझौता न करें.

मेरी तीसरी कहानी death के बारे में है.

जब मैं 17 साल का था, मैंने एक quote पढ़ा जो कुछ इस तरह था : “आप हर दिन ऐसे जियें जैसे वो दिन आपके जीवन का अंतिम दिन हो, किसी दिन आप निश्चित रूप से सही होंगे.” इसका मेरे पर ऐसा असर पड़ा कि तब से, 33 साल हो गये, मैं हर रोज सुबह mirror में देखकर खुद से पूछता हूँ, “मानलो आज मेरी जिंदगी का अंतिम दिन हैं, मैं आज जो काम करने जा रहा हूँ वो काम करना चाहूँगा क्या?” और जब कभी जवाब में निरंतर कई दिनों तक “No” होता तो मैं समझ जाता कि मुझे कुछ बदले की जरूरत है.

मैं जल्द ही मर जाऊंगा, इसकी याद, मुझे आज तक मिले tool में सबसे important है जिसने मेरी जिंदगी की बड़ी choices तय करने में मदद की है. क्योंकि प्राय: सब कुछ – सभी बाहरी उम्मीदें, सब pride, शर्मिंदगी या failure होने के तमाम भय – ये सब चीजें death के सामने हट जाती हैं, सिर्फ वो बचता है जो वास्तव में important है. आप मरने जा रहे हो, इसकी याद, आपको कुछ खो देने की चिंता के जाल से मुक्त करने का सबसे अच्छा तरीका है. आप पहले से ही नंगे हो. तो आपको अपने दिल की बात मानने से कोई नहीं रोक सकता.

लगभग एक साल पहले मुझ में कैंसर diagnose किया गया. मेरा सुबह 7:30 पर स्कैन किया था, और इसमें स्पष्ट रूप से मेरे pancreas पर एक ट्यूमर दिखा. मैं यह भी नहीं जनता था कि pancreas होता क्या है. डॉक्टरों ने मुझे बताया कि यह लगभग निश्चित रूप से एक प्रकार का लाइलाज कैंसर था, और मुझे बताया कि तीन से छह महीने से अधिक समय जीवित रहने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. मेरे डॉक्टर ने सलाह दी कि घर जाओ और अपने काम-काज को व्यवस्थित कर लो, जो कि मरने की तैयारी करने के लिए डॉक्टर की कोड भाषा है. इसका मतलब है कि आप अपने बच्चों को वो सब-कुछ, कुछ ही महीनों में बताने की कोशिश करो जो आप अगले दस साल में बताने की सोच रहे हो. इसका मतलब है कि आप सब कुछ सुव्यवस्थित कर लें ताकि आपके परिवार के लिए जितना संभव हो सके आसानी रहे. इसका मतलब है आप सबको अलविदा कह दो.

मैंने सारा दिन इस diagnosis में बिताया. बाद में उस शाम को मैंने biopsy करवाई, वहां मेरे गले में से होते हुए पेट के through आँतों में endoscope डाला और तब एक needle को मेरे pancreas में घुसेड़कर tumor में से कुछ cells निकाले. मैं बेहोश हो गया था, लेकिन मेरी पत्नी, जो वहां थी, उसने मुझे बताया कि डॉक्टरों ने cells को जब माइक्रोस्कोप से देखा तब वे चिल्ला पड़े … क्योंकि वो एक बहुत ही rare किस्म का pancreatic cancer निकला, जिसका सर्जरी से इलाज संभव है. मैंने सर्जरी करवाई और अब मैं ठीक हूँ.

यह मैंने death का सबसे करीब से सामना किया था, और मैं उम्मीद करता हूँ कि इतना करीब मैं कुछ और दशक नहीं पहुँचूँगा. इस हादसे से गुजरने के बाद, अब मैं ज्यादा निश्चित रूप से आपको कह सकता हूँ कि death useful, लेकिन विशुद्ध रूप से intellectual concept है:

कोई भी मरना नहीं चाहता है. जो लोग स्वर्ग में जाना चाहते हैं वो भी वहां जाने के लिये मरना नहीं चाहते हैं. फिर भी death हमरा अंतिम लक्ष्य है और हम सभी शेयर करते हैं. इससे कोई भी नहीं बच सका है. और यह वैसा ही है जैसा इसे होना चाहिए, इसी कारण death संभवत: जीवन का एक मात्र सबसे बड़ा आविष्कार है. यह जीवन के परिवर्तन की एजेंट है. यह नए के लिए रास्ता बनाने हेतु पुराने की सफाई करती है. अभी आप नये हैं, लेकिन किसी दिन जो अब से ज्यादा दूर नहीं, आप भी धीरे धीरे पुराने हो जाओगे और आप भी साफ हो जाओगे. काफी dramatic हो जाने के लिये क्षमा करें, लेकिन यह बिल्कुल सच है.

जब मैं छोटा था, तब The Whole Earth Catalog नामक एक अद्भुत प्रकाशन आया था, जो मेरी पीढ़ी के बाईबिल में से एक था. यह Stewart Brand नाम के एक साथी, जो यहीं Menlo Park के पास ही रहते थे, द्वारा तैयार किया गया था, उन्होंने इसमें अपना poetic touch देकर इसमें जान डाल दी थी. यह पर्सनल कंप्यूटर और डेस्कटॉप प्रकाशन से पहले,1960 के दशक के अंतिम दौर की बात है, इसलिए इसे typewriters, scissors और Polaroid cameras की मदद से बनाया गया था. यह Book की form में Google का ही नमूना था, वो भी Google के आने से 35 साल पहले आया, यह आदर्शवादी था, और स्वच्छ tools और महान विचार से भरा हुआ था.

स्टीवर्ट और उनकी टीम ने The Whole Earth Catalog के कई issues निकाले थे, और जब अपने course चलाने शुरू किये, तब उन्होंने एक अंतिम issue जारी किया. यह 1970 के दशक के बीच की बात है, उस समय मैं आपकी उम्र का था. उनके अंतिम issue के पीछे के कवर पर एक गंवाई सड़क की early morning की एक तस्वीर थी, अगर आप साहसी हो तो आप स्वयं इस तरह की जगह लिफ्ट लेकर जाना पसंद करोगे. उस तस्वीर के के नीचे ये शब्द लिखे थे: “Stay Hungry. Stay Foolish.” यह उनका farewell message था, जब उन्होंने sign off किया. Stay Hungry. Stay Foolish. और मैंने खुद के लिए हमेशा यही कामना की है. और अब graduate के रूप में आप नए सिरे से जो शुरू करने जा रहे हैं, मैं आपके लिए भी यही wish करता हूँ.

Stay Hungry. Stay Foolish.

Thank you all very much.”

-12 जून 2005, स्टीव जॉब्स, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय

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steve jobs

 

मित्रों,

स्टीव जॉब्स की पहली कहानी, हालात से हार न मानकर संघर्ष करने की है. curiosity और intuition यानी जिज्ञासा व सहज ज्ञान के आधार पर कार्य करने या कदम उठाने के लिये प्रोत्साहित करती है. curiosity और intuition के अनुसार किये गए कार्य अभी न सही आगे चलकर आपके जीवन में जरूर निर्णायक साबित होंगे. और इस विश्वास के साथ कि It will surely make all the difference.

स्टीव जॉब्स की दूसरी कहानी, उसी काम को करने की प्रेरणा देती जिस काम को हम प्यार करते हैं. और वो काम तब तक ढूंढते रहें जब तक हमें मिल नहीं जाता. हमें वही काम करना चाहिए, जो हमें great लगे. जिस काम से हम प्यार करते हैं वो हर विषम प्रस्थिति में हमें सफल बनाने की guarantee देता है.

स्टीव जॉब्स की तीसरी कहानी, death की Philosophy पर है. जीवन की सीमितता को समझ कर स्वविवेक से कार्य करने के लिये Motivate करती है.

“आप जिस लक्ष्य से प्यार करते हैं – उसे आपको तलाशना ही पड़ेगा.” इस पूरे भाषण की आत्मा है.

धन्यवाद!

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Stay Hungry Stay Foolish Steve Jobs

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Note : Hindi translation में पूरी सावधानी रखने के बावजूद Mistake रह सकती है.

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