∗लाल बहादुर शास्त्री के प्रेरक विचार∗

Lal Bahadur Shastri 1

“Jai Jawan Jai Kisan”

“जय जवान जय किसान”

— लाल बहादुर शास्त्री

(26 जनवरी, 1965 के जवानों और किसानों को नारा दिया)

Quote 1. : Sampling out corruption is a very tough job, but I say so in all seriousness that we would be failing in our duty if we do not tackle this problem seriously and with determination.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : भ्रष्टाचार को उखाड़ फैकना बहुत मुश्किल काम है, लेकिन मैं ऐसा पूरी गंभीरता से कहता हूँ कि अगर हम इस समस्या को काबू में करने के लिए गंभीरता व दृढ़ता के साथ काम नहीं करते हैं तो हम हमारे कर्तव्य में असफल हो जायेंगे.

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 2. : I am not as simple as I look.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : मैं जितना सरल दिखता हूँ, उतना मैं हूँ नहीं.

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 3. : Success in science and scientific work come not through the provision of unlimited or big resources, but in the wise and careful selection of problems and objectives. Above all, what is required is hard sustained work and dedication.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : विज्ञान और वैज्ञानिक काम में सफलता असीमित या बड़े संसाधनों के प्रावधान के माध्यम से नहीं, बल्कि समस्याओं और उद्देश्यों के बुद्धिमता एवं सावधानी पूर्वक चयन से मिलती है. इन सबसे ऊपर, जरूरत है तो वो है निरंतर कड़ी मेहनत और समर्पण की.

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 4. : That loyalty to the country comes ahead of all other loyalties. And this is an absolute loyalty, since one cannot weight it in terms of what one receives.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : देश के प्रति वफादारी अन्य सभी वफादारियों से आगे आती है. और यह एक पूर्ण निष्ठा है, इसका किसीको कुछ मिलने के हिसाब कोई नापतोल नहीं किया जा सकता है.

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 5. : The rule of law should be respected so that the basic structure of our democracy is maintained and further strengthened.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : हमारे लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे को बनाए रखने एवं इसे और अधिक सुदृढ़ करने के लिए कानून के शासन का सम्मान किया जाना चाहिए.

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 6. : There comes a time in the life of every nation when it stands at the cross-roads of history and must choose which way to go. But for us there need be no difficulty or hesitation, no looking to right or left. Our way is straight and clear—the building up of a socialist democracy at home with freedom and prosperity for all, and the maintenance of world peace and friendship with all nations.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : हर देश के जीवन में वो समय आता है, जब वो इतिहास के चौराहे पर खड़ा होता है और जहाँ एक रास्ते को चयन करना ही पड़ता है. मगर हमारे लिए यहाँ कोई कठिनाई या झिझक नहीं है, दांये-बाये देखने जरूरत नहीं है.  हमारा रास्ता सीधा और साफ है – घर में स्वतंत्रता और सभी के लिए समृद्धिशाली समाजवादी लोकतंत्र का निर्माण करना है, और सभी देशों के साथ विश्व शांति और मित्रता व्यवहार रखना है. (अपने पहले प्रधानमंत्री भाषण में कहा)

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 7. : The economic issues are most vital for us and it is of the highest importance that we should fight our biggest enemies – Poverty, unemployment.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : आर्थिक मुद्दे हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं और यह सबसे अधिक जरूरी है इसलिए हमको अपने सबसे बड़े दुश्मन – गरीबी, बेरोजगारी, से लड़ना होगा.

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 8. : The preservation of freedom, is not the task of soldiers alone. The whole nation has to be strong.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : स्वतंत्रता के संरक्षण, अकेले सैनिकों का काम नहीं है. पूरे देश को मजबूत होना होगा.

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 9. : True democracy or the swaraj of the masses can never come through untruthful and violent means.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : जनता का सच्चा लोकतंत्र या स्वराज, कुटिल और हिंसक साधनों के माध्यम से कभी नहीं आ सकता है.

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 10. : We have now to fight for peace with the same courage and determination as we fought against aggression.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : अब हमें उसी साहस और दृढ़ संकल्प के साथ शांति के लिए लड़ना होगा जैसे हमने आक्रमण के खिलाफ लड़ाई लड़ी.

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 11. : Among the major tasks before us none is of greater importance for our strength and stability than the task of building up the unity and solidarity of our people.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : हमारे सामने प्रमुख कार्यों में से कोई भी कार्य, हमारी शक्ति व स्थिरता लिए, लोगों में एकता व समन्वय के निर्माण से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है.

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 12. : We all have to work in our respective spheres with the same dedication, the same zeal and the same determination which inspired and motivated the warrior on the battle front. And this has to be shown not by mere words, but by actual deeds.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : हम सबको अपने-अपने क्षेत्रों में उसी समर्पण, उसी उत्साह और उसी दृढ़ संकल्प के साथ काम करना होगा, जिससे ओतप्रोत योद्धा युद्ध के मोर्चे पर प्रेरित व उत्तेजित रहता है. और इसका प्रदर्शन केवल बातों से नहीं, बल्कि वास्तविक कर्मों से करना होगा.

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 13. : We believe in peace and peaceful development, not only for ourselves but for people all over the world.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : हम न केवल खुद के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लोगों के लिए, शांति और शांतिपूर्ण विकास में विश्वास रखते हैं.

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 14. : India will have to hang down her head in shame if even one person is left who is said in any way to be untouchable.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : यदि एक भी व्यक्ति ऐसा रह जाता है, जिसे किसी भी कारण से अछूत कहा जाता है, तो भारत का सिर शर्म से झुक जायेगा.   Quote 15. : Those who govern must see how the people react to administration. Ultimately, the people are the final arbiters.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : सरकार चलाने वालों को ध्यान रखना चाहिये कि, लोगों की प्रशासन के प्रति क्या राय है. आखिरकार, अंतिम रूप निर्णायक जनता होती है.

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 16. : If Pakistan has any ideas of annexing any part of our territories by force, she should think afresh. I want to state categorically that force will be met with force and aggression against us will never be allowed to succeed.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : पाकिस्तान सेना द्वारा हमारे प्रदेशों के किसी भी हिस्से पर कब्ज़ा कर लेने का कोई विचार कर रहा है तो उसे नये सिरे से सोचना चाहिए. मैं स्पष्ट रूप से बताना चाहता हूँ कि ईंट का जवाब पत्थर से दिया जायेगा और हमारे खिलाफ आक्रमण को कभी भी सफल नहीं होने देंगे.

— लाल बहादुर शास्त्री

Quote 17. : The basic idea of governance, as I see it, is to hold the society together so that it can develop and march towards certain goals.

— Lal Bahadur Shastri

In Hindi : शासन चलाने का बुनियादी तरीका, जैसा कि मैं समझता हूँ, समाज को एकजुट रखें, ताकि यह विकास के साथ निश्चित लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सके.

— लाल बहादुर शास्त्री

 Lal Bahadur Shastri

लालबहादुर शास्त्री की जीवनी
नाम Lal Bahadur Shastri \ लालबहादुर शास्त्री
जन्म 2 अक्टूबर 1904
जन्म स्थान मुगलसराय (उत्तरप्रदेश), ब्रिटिश भारत
मृत्यु 11 जनवरी 1966 (उम्र 61)
मृत्यु स्थान ताशकन्द (उजबेकिस्तान की राजधानी), सोवियत संघ
पिता का नाम शारदा प्रसाद श्रीवास्तव
माता का नाम रामदुलारी
जीवनसाथी ललिता शास्त्री
सन्तान छ: सन्तानें – दो पुत्रियाँ-कुसुम व सुमन और चार पुत्र – हरिकृष्ण, अनिल, सुनील व अशोक.
राष्ट्रीयता भारतीय
धर्म हिन्दू
परिवार के बारे में सक्षिप्त जानकारी लालबहादुर शास्त्री के पिता प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे. बाद में उन्होंने राजस्व विभाग में लिपिक (क्लर्क) की नौकरी कर ली थी. परिवार में सबसे छोटा होने के कारण लालबहादुर को परिवार वाले प्यार में नन्हें कहकर बुलाया करते थे. जब नन्हें अठारह महीने का हुआ दुर्भाग्य से पिता का निधन हो गया. उसकी माँ रामदुलारी अपने पिता हजारीलाल के घर मिर्ज़ापुर चली गयी. कुछ समय बाद उसके नाना भी नहीं रहे. बिना पिता के बालक नन्हें की परवरिश करने में उसके मौसा रघुनाथ प्रसाद ने उसकी माँ का सहयोग किया. ननिहाल में रहते हुए उसने प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की. उसके बाद की शिक्षा हरिश्चन्द्र हाई स्कूल और काशी विद्यापीठ में हुई. काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि मिलने के बाद उन्होंने जन्म से चला आ रहा जातिसूचक शब्द श्रीवास्तव हमेशा हमेशा के लिये हटा दिया और अपने नाम के आगे ‘शास्त्री’ लगा लिया. इसके पश्चात् शास्त्री शब्द लालबहादुर के नाम का पर्याय ही बन गया.
शिक्षा काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि
व्यवसाय राजनेता, स्वतंत्रता सेनानी
राजनैतिक दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
उपलब्धियां
  • भारत के गृह मंत्री 4 अप्रैल 1961 – 29 अगस्त 1963
  • भारत के विदेश मंत्री 9 जून 1964 – 18 जुलाई 1964
  • भारत के दूसरे प्रधानमंत्री 9 जून 1964 – 11 जनवरी 1966
उल्लेखानीय तथ्य
  • विद्यार्थी जीवन में ही आप भारत सेवक संघ से जुड़े.  यहीं से आपका राजनैतिक जीवन आरम्भ हुआ.
  • 1951 में आपको अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का महासचिव नियुक्त किया गया. 1952, 1957 व 1962 के चुनावों में कांग्रेस पार्टी बहुमत से विजय बनाने के लिये आपने अथक परिश्रम व प्रयास किये.
  • उत्तर प्रदेश के संसदीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था.गोविंद बल्लभ पंत के मन्त्रिमण्डल में उन्हें पुलिस एवं परिवहन मन्त्रालय सौंपा गया. परिवहन मन्त्री के कार्यकाल में उन्होंने प्रथम बार महिला कण्डक्टर्स की नियुक्ति की थी.
  • पुलिस मन्त्री होने के बाद उन्होंने भीड़ को नियन्त्रण में रखने के लिये लाठी की जगह पानी की बौछार का प्रयोग प्रारम्भ कराया.
  • उनकी पत्नी ललिता शास्त्री हमेशा शास्त्री जी साथ जाती थी. परन्तु उनकी पत्नी को बहला फुसलाकर मनाया गया कि वे शास्त्रीजी के साथ ताशकन्द न जायें और वे मान गयी. अपनी इस भूल का श्रीमती ललिता शास्त्री को मृत्युपर्यन्त पछतावा रहा.
  • ताशकन्द में समझौता वार्ता चली तो शास्त्रीजी की एक ही जिद थी कि उन्हें बाकी सब शर्तें मंजूर हैं परन्तु जीती हुई जमीन पाकिस्तान को लौटाना हरगिज़ मंजूर नहीं. काफी जद्दोजहद के बाद शास्त्रीजी पर अन्तर्राष्ट्रीय दबाव बनाकर ताशकन्द समझौते के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करा लिये गये. उन्होंने हस्ताक्षर करते हुए भी कहा था कि, वे हस्ताक्षर जरूर कर रहे हैं पर यह जमीन कोई दूसरा प्रधान मन्त्री ही लौटायेगा, वे नहीं.
मरणोपरान्त सम्मान भारत रत्न – 1966

Lal Bahadur Shastri 2

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