Leo Tolstoy Quotes Stories in Hindi लियो टॉलस्टॉय उद्धरण एवं कहानी

∗ लियो टॉलस्टॉय उद्धरण एवं कहानी ∗

 

— Leo Tolstoy —

 

 

‘वार एंड पीस’ व ‘अन्ना केरेनिना’ के रचियता Leo Tolstoy उन्नीसवीं सदी के सर्वाधिक सम्मानित लेखकों में से एक हैं.

 

Quote 1. : Real wisdom is not the knowledge of everything, but the knowledge of which things in life are necessary, which are less necessary, and which are completely unnecessary to know.

— Leo Tolstoy

In Hindi : असल बुद्धि सभी चीजों का ज्ञान नहीं है, बल्कि यह जानना है कि कौनसी चीजें जिन्दगी में जरूरी है, कौनसी कम जरूरी है और कौनसी पूरी तरह फिजूल है.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 2. : Very often, all the activity of the human mind is directed not in revealing the truth, but in hiding the truth.

— Leo Tolstoy

In Hindi : अक्सर, मानव मन के समस्त क्रियाकलाप सत्य को प्रकट करने के बजाय सत्य को ढकने में लगे रहते हैं.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 3. : Wrong does not cease to be wrong because the majority share in it.

— Leo Tolstoy

In Hindi : गलत व्यक्ति गलती को बंद नहीं करता है क्योंकि अधिकतर लोग इसमें सहभागी होते हैं.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 4. : A man is like a fraction whose numerator is what he is and whose denominator is what he thinks of himself. The larger the denominator, the smaller the fraction.

— Leo Tolstoy

In Hindi : व्यक्ति एक गणित के भिन्न की तरह है, जिसका अंश – वह खुद (वास्तव में) है और हर – जो वह अपने आपको मानता है. हर जितना बड़ा होगा उतना ही भिन्न छोटा होगा.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 5. : If you make it a habit not to blame others, you will feel the growth of the ability to love in your soul, and you will see the growth of goodness in your life.

— Leo Tolstoy

In Hindi : यदि आप दूसरों पर दोष न मढ़ने की आदत बनालें, तो आपकी अपनी आत्मा में प्रेम करने की क्षमता में बढ़ोतरी महसूस करोगे, और आप अपने जीवन में अच्छाई के कीर्तिमान स्थापित होते हुए देखेंगे.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 6. : Don’t seek God in temples. He is close to you. He is within you. Only you should surrender to Him and you will rise above happiness and unhappiness.

— Leo Tolstoy

In Hindi : भगवान को मंदिरों में मत ढूंढो. वो आपके पास है.वो आपके भीतर है. आप अपने को उसे समर्पित कर दो, आप सुख-दुःख से ऊपर उठ जाओगे.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 7. : Seize the moments of happiness, love and be loved! That is the only reality in the world, all else is folly.

— Leo Tolstoy

In Hindi : ख़ुशी के क्षणों को दिमाग में संजोये रखें, उन्हें प्यार करें और प्यार पायें! यही दुनिया की एकमात्र वास्तविकता है, बाकी सब बकवास है.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 8. : Truth, like gold, is to be obtained not by its growth, but by washing away from it all that is not gold.

— Leo Tolstoy

In Hindi : सत्य प्राप्ति बढ़ोतरी से नही, बल्कि इसके परिमार्जन से होती है, जैसे शुद्ध सोना, जो सोना नहीं है उसकी सफाई से मिलता है.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 9. : It is amazing how complete is the delusion that beauty is goodness.

— Leo Tolstoy

In Hindi : यह कितनी विस्मयकारी मुकम्मल गलतफहमी है कि सौन्दर्य ही अच्छाई है.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 10. : There is no greatness where there is no simplicity, goodness and truth.

— Leo Tolstoy

In Hindi : बिना सादगी के भलाई व सच्चाई की महानता का अस्तित्व नहीं होता.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 11. : All happy families resemble one another, each unhappy family is unhappy in its own way.

— Leo Tolstoy

In Hindi : सभी खुश परिवार एक जैसे लगते हैं, पर दुखी परिवार अपने लक्षणों से नाखुश है.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 12. : All, everything that I understand, I understand only because I love.

— Leo Tolstoy

In Hindi : तमाम, सब कुछ जिसे मैं समझता हूँ, मैं केवल इसलिए समझता हूँ क्योंकि मैं उन्हें प्यार करता हूँ.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 13. : Everyone thinks of changing the world, but no one thinks of changing himself.

— Leo Tolstoy

In Hindi : दुनिया बदलने की हर कोई सोचता है, पर खुद को बदलने की नहीं सोचता.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 14. : The two most powerful warriors are patience and time.

— Leo Tolstoy

In Hindi : दो सर्वाधिक शक्तिशाली योद्धा धैर्य और समय हैं.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 15. : If you want to be happy, be.

— Leo Tolstoy

In Hindi : यदि आप खुश रहना चाहो, तो ही खुश रह सकते हैं.

— लियो टॉलस्टॉय

Quote 16. : Music is the shorthand of emotion.

— Leo Tolstoy

In Hindi : संगीत भावना की संक्षिप्त अभिव्यक्ति है.

— लियो टॉलस्टॉय

लियो टॉलस्टॉय की जीवनी

 

 

Leo Tolstoy Life Story

 

Leo Tolstoy 1828 से 1844 :

 

लियो टॉलस्टॉय (Leo Tolstoy) का जन्म 9 सितंबर 1828 को यासनाया पोलयाना (Yasnaya Polyana), रूस में हुआ. इनका परिवार संपन्न था. परन्तु इनके माता-पिता का देहांत बचपन में ही हो गया था. इनका लालन-पालन इनकी चाची कात्याना ने किया.

इनको बचपन में पढाई के साथ घुडसवारी, शिकार, नाच-गान आदि विधाओं और कलाओं की शिक्षा-दिक्षा, कुलीन परिवारों की तरह दक्ष शिक्षकों द्वारा दी गयी.

Leo Tolstoy 1844 से 1875 :

 

1844 में लियो टॉलस्टॉय कजान विश्वविद्यालय में दाखिल हुए.

1847 तक उन्होंने पूर्वी भाषाओं और विधि संहिताओं का अध्ययन किया.

1847 में ही रियासत के बंटवारे के चक्कर में स्नातक की पढाई पूर्ण किये बिना ही इनको विश्वविद्यालय छोड़ना पड़ा.

1847-51 रियासत में कृषकों की दशा में सुधार के प्रयत्न किये.

1851 में लियो टॉलस्टॉय सेना में भर्ती हो गये. उनकी नियुक्ति कॉकेशस पर्वतीय इलाकों में कबीलों से चलने वाली लम्बी लड़ाई में हुई, वहां खाली समय का उपयोग लिखने-पढ़ने में करते थे.

1852 में ‘चाईल्डहुड सन’ की रचना की, जो एलटी के नाम से ‘The Contemporary’ नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई.

1854 में लियो टॉलस्टॉय को डेनयुग के मोर्चे पर भेजा गया. वहां से अपनी बदली उन्होंने सेबास्तोकोल में करावा ली; जो क्रिमीयन युद्ध का सबसे तगड़ा मोर्चा था, यहाँ उन्हें युद्ध और युद्ध के संचालकों को निकट से देखने का पर्याप्त अवसर मिला. इस मोर्चे पर वे अंत तक रहे.

1855 में उन्होंने पिट्सबर्ग की यात्रा की वहां के साहित्यकारों ने इनका बड़ा सम्मान किया.

1855-56 में ‘सेबास्तोकोल स्केचेज’ की रचना की.

1857 में इन्होंने पश्चिमी युरोप के विभिन्न देशों की यात्रा की.

1857-61 के दौरान इन्होंने अलग-अलग चरणों में पश्चिमी युरोप के विभिन्न देशों की यात्रा की. इसी यात्रा 1861 में यक्ष्मा से पीड़ित उनके बड़े भाई की मृत्यु हो गयी. यात्रा से लौटकर उन्होंने अपने गांव ‘Yasnaya Polyana’ में कृषकों के बच्चों के लिए एक स्कूल खोला, जो बहुत सफल रहा. स्कूल की ओर से गांव के ही नाम पर Yasnaya Polyana नामक एक पत्रिका भी निकलती थी.

1862 में लियो टॉलस्टॉय का विवाह ‘साफिया बेहज’ नामक उच्चवर्गीय संभ्रान्त महिला से हुआ.

1863-69 में ‘War and Peace’ की रचना की.

1873-76 में ‘Anna Karenina’ की रचना की. इन दोनों रचनाओं में लियो टॉलस्टॉय विश्व विख्यात साहित्यिकार बन गये.

 

Leo Tolstoy 1875 से 1910 :

 

1875 से 1879 तक का समय उनके लिए बहुत निराशाजनक रहा, ईश्वर पर से उनका भरोषा उठ गया था. वे आत्महत्या तक करने को उतारू हो गये थे. पर अन्त में उन्होंने निराशा पर काबू पा लिया.

1878-79 में  ‘A Confession’ नामक विवादपूर्ण कृति की रचना की.

1886 में उनकी महान रचना ‘The Death of Evil’ प्रकशित हुई.

उनके वैवाहिक जीवन का पूर्वांश तो बहुत सुखद रहा पर उत्तरांश कटुतापूर्ण बीता. 19वीं सदी का अन्त होते-होते दरिद्रों और असहायों के प्रति लियो टॉलस्टॉय की सेवावृत्ति बढ़ गयी. उन्होंने अपनी रचनाओं से रूस में होने वाली अपनी समस्त आय दान कर दी. अपनी पत्नी को उन्होंने उतना ही हिस्सा लेने की अनुमति दी, जितना परिवार के भरण-पोषण के लिए जरूरी था.

1910 में उन्होंने अपने पेतृक गांव Yasnaya Polyana को छोड़ दिया.

22 नवंबर 1910 को अपनी यात्रा के दौरान रास्ते में ऐस्टापेावो नामक एक स्टेशन पर तबीयत बिगड़ने से उनका देहांत हो गया.

 

लियो टॉलस्टॉय की उल्लेखनीय प्रमुख साहित्यिक रचनाएँ :

 

(1) ‘चाईल्डहुड सन’ 1852

(2) ‘सेबास्तोकोल स्केचेज’ 1855-56

(3) ‘War and Peace’ 1863-69

(4) ‘Anna Karenina’ 1873-76

(5) ‘A Confession’ 1878-79

(6) ‘The Death of Evil’ 1886

 

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Note : Hindi translation में पूरी सावधानी रखने के बावजूद Mistake रह सकती है.

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