Category: Inspirational कवितायेँ

अब तो, ये सूरत बदलनी चाहिए …

∗ये सूरत बदलनी चाहिए …∗ पाकिस्तान में सर्जीकल स्ट्राइक, भारत में भ्रष्टाचार के के विरुद्ध नोट बेन स्ट्राइक और अब ऑनलाइन कैशलेस ट्रांजेक्शन (online cashless transaction) की बात चल रही है. ये सब हर मोर्चे पर हालात को सुधारने के लिए किये जा रहे प्रयास हैं. मित्रों, 01.03.2015 को Online Money making Ideas – [Pack-2]

कलम, आज उनकी जय बोल | Sacrifice Hindi Poem

∗कलम, आज उनकी जय बोल∗ सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) अभियान को सफल बनाने में शामिल भारतीय सेनाओं (Indian Forces) के समस्त वीर सपूतों को समर्पित … :कलम, आज उनकी जय बोल: 1. जला अस्थियां बारी-बारी, चटकाई जिनमें चिंगारी, जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर, लिए बिना गर्दन का मोल। कलम, आज उनकी जय बोल … 2.

Guru Nanak Dev Quotes in Hindi गुरु नानक देव के अनमोल विचार

∗गुरु नानक देव के अनमोल विचार∗ (Guru Nanak Gurpurab – 14 November 2016, 04 November 2017) “Nanak naam jahaz hai, Chadhe so utre paar.” नानक नाम जहाज है, चढ़े सो उतरे पार। जो शरधा कर सेव दे, गुर पार उतारन हार॥ Quote 1. : Your Mercy is my social status. — Guru Nanak Dev In

तुलसीदास के दोहे अर्थ सहित | Tulsidas ke Dohe

∗तुलसीदास के दोहे∗ (गोस्वामी तुलसीदास जी) 1. तुलसी इस संसार में, भांति भांति के लोग। सबसे हस मिल बोलिए, नदी नाव संजोग॥ अर्थ : तुलसीदास जी कहते हैं, इस संसार में तरह-तरह के लोग रहते हैं. आप सबसे हँस कर मिलो और बोलो जैसे नाव नदी से संयोग कर के पार लगती है वैसे आप भी

महाकवि घाघ की कहावतें| Ghagh ki Kahavten

∗महाकवि घाघ∗ “कांटा बुरा करील का, औ बदरी का घाम। सौत बुरी है चून को, और साझे का काम॥” — महाकवि घाघ — व्यावहारिक ज्ञान को विशेषरूप से कृषि व मौसम के बारे में घाघ भड्डरी ने लोकभाषा में सरल कहावतों के रूप में बताया है. उनकी जितनी कहावतें हैं, सभी प्रायः अक्षरशः सत्य उतरती

समय का चक्र | Inspiring Hindi Poem

∗समय का चक्र∗   1. जो समय पर समझ आ जाए ज्ञान कहलाता है जो समय से पहले समझ जाए महान कहलाता है 2. समय की गति बलवान है पर जो उसे नाप पाए वही तो महान है 3. समय के पद-चिन्हों पर चलकर मिलती नहीं मंजिल कभी 4. समय का पहिया न रुका है

रद कागद ज्यूं राजिया | Rajiya raa Duha

∗राजिया रा दूहा∗ “एक कवि ने अपने सेवक को अमर किया” नीति सम्बन्धी राजस्थानी सौरठों में “राजिया रा दुहा” प्रसिद्ध है. भाषा और भाव दोनों दृष्टि से दोहा संग्रह उत्तम श्रेणी का है. संबोधन काव्य के रूप में शायद यह पहली रचना है. इन सौरठों की रचना राजस्थान के प्रसिद्ध कवि कृपाराम जी ने अपने

शहद चाहिए तो छत्ते को लात मत मारो !

∗शहद चाहिए तो छत्ते को लात मत मारो∗ चाहे परिजन हो, चाहे मित्र हो, चाहे ग्राहक हो, चाहे Boss हो, चाहे सहयोगी हो, चाहे बच्चे ही क्यों न हो आलोचना करके कोई व्यक्ति कभी कुछ हासिल नहीं कर सकता है. यह बूमरैंग की तरह पलटकर वापस आती है. इससे सुधार की जगह बिगाड़ ही होता है.

ॐ जय लक्ष्मी माता | Maa Laxmiji Prayer

∗ॐ जय लक्ष्मी माता∗ — दीपावली – 2015 — महालक्ष्मी के पूजन का शुभ मुहूर्त सायंकाल 5.34 से 8.11 बजे तक है. ≈माँ लक्ष्मी जी की आरती≈ 1. ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ 2. उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही हो जग-माता। सूर्य चन्द्रमा

“वीणावादिनी” | सरस्वती वंदना (My Prayer)

∗वर दे, वीणावादिनि वर दे !∗ “वीणावादिनी” (सरस्वती वंदना) 1. वर दे, वीणावादिनि वर दे ! प्रिय स्वतंत्र-रव अमृत-मंत्र नव                    भारत में भर दे !  2. काट अंध-उर के बंधन-स्तर बहा जननि, ज्योतिर्मय निर्झर; कलुष-भेद-तम हर प्रकाश भर                 जगमग जग कर दे ! 3.  नव गति, नव लय, ताल-छंद नव नवल कंठ,