∗वीर तेजाजी∗ (29 जनवरी 1074 – 28 अगस्त 1103) मोती सम न उजला, चन्दन सम ना काठ। तेजा सम न देवता, पल में करदे ठाठ।।  जन्म माघ शुक्ला चतुर्दशी सम्वत् 1130 तद्नुसार 29 जनवरी 1074 ई. मृत्यु भाद्रपद शुक्ल दशमी सम्वत् 1160, तदनुसार 28 अगस्त 1103 ई. मित्रों, वीर तेजाजी की जीवन-यात्रा एक नितान्त साधारण …
∗प्रेरणादायक शेर∗ 1. सर फरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजू .ए .कातिल में है | 2. झुकते वो हैं जिनमें जान होती है, अकड़ना मुर्दों की पहचान होती है | 3. जिन्दगी अपने कंधों पे जीती जाती है, दूसरों के कंधों पे तो जनाजे उठा करते हैं | …
 ∗खेजडली आन्दोलन∗ खेजडली आन्दोलन के बलिदान की अमर गाथा को शुरु करने से पहले मैं विश्नोई समाज के संस्थापक महान सामाजिक संत गुरू भगवान जम्भेश्वर (जंभोजी) महाराज(1451-1536) को नमन करना करता हूँ. उन्होंने 29 नियम बताये, इन  नियमों का पालन करने वाले जन विश्नोई जन कहलाये. उन्होंने ऐसे विश्नोई समाज का निर्माण किया जो नियमों की पालना में …
∗मदर टेरेसा के अनमोल विचार∗ “The miracle is not that we do this work, but that we are happy to do it. In Hindi : चमत्कार हमारे अमुख काम करने में नहीं है, बल्कि उस काम को करने से हमें मिली ख़ुशी में है.” मित्रों, मदर टेरेसा ने जीवन पर्यंत समाज के महा वंचित वर्ग …
∗स्वामी विवेकानंद का प्रसिद्ध सिकागो भाषण∗ :स्वामी विवेकानंद: (12 जनवरी 1863 – 4 जुलाई 1902) अमेरिकी बहनों व भाइयों, आपके उत्साहपूर्ण हार्दिक अभिनन्दन से मेरा हृदय अवर्णनीय असीम आनन्द से भर गया है. मैं आपको संसार की सबसे प्राचीन ऋषि-मुनि परम्परा की ओर से धन्यवाद देता हूँ; मैं आपको सभी धर्मों की जननी की ओर …