∗जहाँ चाह, वहाँ राह∗ (Gautam Buddha story) Gautam Buddha story – जहाँ चाह, वहाँ राह – होनहार बिरवान के होत चीकने पात. केवल इतने से ही सब कुछ नहीं हो जाता है. अगर व्यक्ति अपनी अभिरुचि के अनुसार प्रयास करता है, तो परस्थितियाँ कहें या भगवान कहें उसका साथ जरुर देते हैं. गौतमबुद्ध के सिद्धार्थ